एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
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GBPS Trust Vrindavan

घर-घर राधा घर-घर दामोदर।

विश्वगुरु-तत्त्वज्ञान पहुँचे हर घर।।

श्रील जीव गोस्वामी पाद जी

श्री गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय तत्त्वाचार्य विश्वगुरु श्रील जीव गोस्वामी पाद जी

श्रीकृष्ण और राधा

परमब्रह्म भगवान श्रीकृष्ण ही अद्वय ज्ञान तत्त्व हैं क्योंकि वह विजातीय, सजातीय एवं स्वगत भेदों से रहित हैं। वे स्वयं सिद्ध हैं, परम पूर्ण हैं अर्थात उनकी भगवत्ता किसी अन्य की भगवत्ता पर आश्रित नहीं है।

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

हरिनाम का जप व कीर्तन करने से सभी प्रकार के पाप– संचित, प्रारब्ध, क्रियमाण, कूट, अप्रारब्ध और बीजत्व नष्ट हो जाते हैं। हरिनाम सभी पापों को जड़ से उखाड़ देता है, इसलिए हरिनाम का जप व कीर्तन प्रत्येक मनुष्य को करना चाहिए।

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

जीव अपने आपको माया द्वारा सम्मोहित होकर त्रिगुणात्मक मानता है जबकि जीव चिद् रूप है और माया से श्रेष्ठ है। ऐसा मानने से जीव संसार रूपी विपद् में पतन को प्राप्त करता है, अनर्थ को स्वीकार करता है।

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

भगवान जगन्नाथ

कलियुग में केवल "हरिनाम" ही भगवद्प्राप्ति का और भगवान् को प्रसन्न करने का सर्वप्रमुख साधन है।

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

भक्ति

ज्ञानयोग, ध्यानयोग, वर्णाश्रम धर्म, तप और त्याग इन जड़ साधनों के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को वश में नहीं किया जा सकता केवल भक्ति ही एकमात्र चिन्मय व दिव्य साधन है जिसके द्वारा भगवान भक्त के वशीभूत हो जाते हैं।

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

हमारा सम्प्रदाय

हमारा सम्प्रदाय

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श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत

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श्रीमद्भगवद्गीता

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स्वयं भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु

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गीता–भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट, वृन्दावन
हरे कृष्ण
मामेकं शरणं व्रज • कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्
हरे कृष्ण
गीता–भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट, वृन्दावन
हरे कृष्ण
मामेकं शरणं व्रज • कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्
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गीता–भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट, वृन्दावन
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GBPS की जानकारी

गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन

गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन की स्थापना कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी के द्वारा श्री बलराम पूर्णिमा के पावन अवसर पर सन् 2016 में वृन्दावन में की गई |

इस संस्था के शरणास्पद आचार्य विश्वगुरु श्रीलजीव गोस्वामी पाद जी है जो कि श्री गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के तत्त्वाचार्य एवं भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के परम कृपा पात्र है ।

GBPS एक आध्यात्मिक संस्था है जिसमें गीता - भागवत का ज्ञान विश्वगुरु श्रीलजीव गोस्वामी पाद जी के ग्रंथों (श्री भागवत संदर्भ और श्री गोपाल चम्पू) के अनुसार दिया जाता है |

GBPS श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा प्रवर्तित गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय की एक जीवानुग शाखा है | इसके उपास्य तत्त्व श्री श्री राधाकृष्ण हैं |

इस संस्था में मानव जीवन के परम लक्ष्य गोलोक अथवा ब्रज प्रेम की प्राप्ति का उपाय या साधन के रूप में रागानुगा भक्ति को स्वीकार किया जाता है ।

गीता-भागवत प्रचार सेवाGBPS Trust, Vrindavan
GBPS — गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन

GBPS

गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन

सेवा
GBPS Trust

GBPS की मुख्य विशेषताएँ

GBPS शुद्ध कृष्णभक्ति के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित है। हमारी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

GBPS Trust — भक्त समुदाय एवं दिव्य प्रतिमा के समक्ष

GBPS Trust

शुद्ध कृष्णभक्ति का प्रचार-प्रसार

1. निर्गुण श्रीमद्भागवत कथा के 4 प्रकार

सारमयी, विस्तारमयी, अतिविस्तारमयी और सर्वविस्तारमयी — इन चार शैलियों में श्रीमद्भागवत का गहन श्रवण व सिद्धांत-विवेचन किया जाता है।

2. आध्यात्मिक धाम यात्राएँ

ब्रज 84 कोस सहित पावन धामों की दर्शन यात्राएँ; नो प्रॉफिट–नो लॉस के सिद्धांत पर, धाम महिमा व भक्ति साधना हेतु।

3. श्री जगन्नाथ नव-दिवसीय रथयात्रा

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की भव्य रथयात्रा व नगर विहार का आयोजन।

और पढ़ें — सभी विशेषताएँ

शेष बिंदु (निस्वार्थ प्रचार, षट्संदर्भ व गोपाल चम्पू) विस्तार से इस पृष्ठ पर।