एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
एकादशी- 27 मई 2026 पारण समय 5:26 am to 7:56 am तथा 11 जून 2026 पारण समय 5:25 am to 9:48 am
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अध्यक्ष
संस्थापक

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अध्यक्ष

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी गीता भागवत प्रचार सेवा (GBPS) ट्रस्ट वृन्दावन के संस्थापक अध्यक्ष और शिक्षागुरु है, जो कि श्रीचैतन्य महाप्रभु एवं उनके विशेष कृपापात्र श्री गौड़ीय वैष्णव तत्त्वाचार्य विश्वगुरु श्रील जीव गोस्वामीपाद जी के अनुयायी हैं और उन्हीं के सिद्धान्तों के अनुसार श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीमद्भागवत महापुराण की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार करते हैं।

आपका मुख्य उद्देश्य जन-सामान्य में गीता-भागवत प्रचार के द्वारा तत्त्वज्ञ एवं अनन्य कृष्णभक्त तैयार करना है। आप गीता-भागवत का प्रचार कार्य कृष्ण की प्रिय सेवा के रूप में पूर्णतः निःस्वार्थ भाव से करते हैं, इसीलिए अपने ट्रस्ट का नामकरण भी गीता-भागवत प्रचार सेवा (GBPS) रखा है।

आप प्रचारसेवा में स्त्री-पुरुष का भेदभाव नहीं रखते, प्रचारसेवा का अधिकार योग्यता-पात्रता अनुसार हर इच्छुक कृष्णभक्त को प्रदान करते हैं,यही कारण है कि आप पुरुषों के साथ-साथ स्त्रियों को भी प्रचारसेवा में प्रमुखता के साथ अग्रसर करते हैं।

आप मन्त्रदीक्षा से अधिक महत्त्व गीता-भागवत की शिक्षा को देते हैं,यही कारण है कि आप किसी को मन्त्रदीक्षा नहीं देते अपितु कृष्णतत्त्वज्ञान की शिक्षा देते हैं। आप स्वयं भी विश्वगुरु श्रील जीव गोस्वामीपाद जी को अपना शरणास्पद आचार्य एवं सद्गुरु देव मानते हैं और अपने अनुयायियों को भी उन्हीं की शरणागति का उपदेश,निर्देश व आदेश देते हैं।

आप श्री गौड़ीय सम्प्रदाय की शिक्षाओं के उपदेशक व प्रचारक होते हुए भी वर्तमान में उपलब्ध गौड़ीय वैष्णव गुरु परम्पराओं से जुड़े हुए नहीं हैं अपितु विश्वगुरु श्रीलजीव गोस्वामीपाद जी को ही अपने सद्गुरु देव के रूप में स्वीकारते हैं। आपका मानना है कि आपके भक्तिमार्ग से सम्बन्धित समस्त जटिल संशयों का निवारण और जिज्ञासाओं का समाधान एकमात्र उन्हीं के स्वरचित ग्रन्थों ( श्री षट् सन्दर्भ ) के माध्यम से हुआ है और श्री षट् सन्दर्भ व श्री गोपाल चम्पू के प्रचार प्रसार की आज्ञा भी विश्वगुरु जी ने आपको दिव्य अनुभूति द्वारा प्रदान की हुई हैं एवं कृष्णतत्त्वज्ञान के प्रचार अभियान में आने वाली विघ्न, बाधाओं का समाधान भी विश्वगुरु जी ही दिव्य स्वप्नादेश के माध्यम से करते रहते हैं।

आपकी गीता-भागवत सम्बन्धी शिक्षाएं भी विश्वगुरु श्रील जीव गोस्वामीपाद जी के श्रीभागवत सन्दर्भ ( श्री षट् सन्दर्भ ) और श्रीगोपाल चम्पू ग्रन्थों में वर्णित सिद्धान्तत्रय पर ही आधारित है।

आप श्रीमद्भागवत महापुराण को केवल ग्रन्थ नहीं मानते अपितु साक्षात श्रीकृष्ण ही मानते हैं। आप सरल स्वभाव और विनम्र व्यवहार से युक्त अनन्य कृष्णभक्त है और कृष्णतत्त्वज्ञान के पारंगत प्रचारक होने से अपने अनुयायियों के बीच कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी के रूप में विख्यात है।

संस्थापक अध्यक्ष

GBPS Trust, Vrindavan

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

संस्थापक अध्यक्ष

कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी